हारे हुओ की मंजिल है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जाते है जो खाटू धाम बण जाते काम रे,

हारे हुओ की मंजिल है खाटू का धाम रे,

जो भी खाटू जावे से प्यार बाबा का पावे से,

खाटू में बैठा बाबा भक्ता ने माल लूटावै से,

सच्चे मन से जाते बण जाते काम रे,

हारे हुओ की मंजिल हैं.....

दानी के दरबार में भीड़ कसूती होरी से,

CA की तरह काम करें ऐसी चर्चा होरी से,

हार कर जाते जो भी पकड़े हाथ रे,

हारे हुओ की मंजिल हैं.....

श्याम भक्तों की नैया खाटू वालों चलावे से,

जब भी नैया डूबे बिन पतवार चलावे से,

नैया का माझी बण जाता श्याम रे,

हारे हुओ की मंजिल हैं......

जब जब बाबा मैं हारा तू ही सहारा बण जा से,

टिंकू की नैया का बाबा तू ही किनारा बणजा से,

जिंदगी के दुखों से तू बाहर निकाल रे

हारे हुओ की मंजिल हैं....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।