कृपा कर दो कृपासिंधु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृपा कर दो कृपासिंधु ये सेवक द्वार आया है,

नज़र भर देख लो दाता यही अरदास लाया है,

कृपा कर दो कृपा सिंधु ये सेवक द्वार आया है

तेरा दास हूँ बाबा नहीं कोई पराया हूँ,

पड़ा हूँ तेरी चोखट पे ज़माने का सताया हूँ,

मिला जो राह में राही वही ठोकर लगाया है,

नज़र भर देख लो दाता यही अरदास लाया है,

कृपा कर दो कृपा सिंधु......

जो खाई ठोकरें जग की तो पहुँचा द्वार तक तेरे,

ठिकाना मिल गया मुझको, सराहूँ भाग्य को मेरे,

मुक्कदर का सिकंदर हो जो तेरे पास आया है,

नज़र भर देख लो दाता यही अरदास लाया है,

कृपा कर दो कृपा सिंधु....

शरण में आ गया तेरी क्षमा कर दो खता मेरी,

कहाते हो पतित पावन कहो किस बात की देरी,

करो उद्धार मेरा भी मुझे यूँ क्यों भुलाया है,

नज़र भर देख लो दाता यही अरदास लाया है,

कृपा कर दो कृपा सिंधु......

तेरा गुणगान करने का मुझे वरदान मिल जाए,

तेरे चरणों में बिन्नू को प्रभु अस्थान मिल जाए,

इसी के वास्ते मैंने, यहाँ दामन फैलाया है,

नज़र भर देख लो दाता यही अरदास लाया है,

कृपा कर दो कृपा सिंध.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।