मुझको एह श्याम मेरे चरनो में अपने रखलो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझको एह श्याम मेरे चरनो में अपने रखलो

मैं न समज हु मेरे पापो को सार ढकलो

मुझको एह श्याम मेरे चरनो में अपने रखलो

डरता हु अंधेरो में तेरा साथ जो नही हो

विस्वाश है ये मेरा तेरी रौशनी कही हिया

अगर साथ हो जो तेरा टकराऊ मैं जहां से

तूफानों से भी केह दो हद पार अपनी करलो

वो तो सदियों से ही है साथ जब हमारे

फिर काहे का डर है जब संवारा खड़ा है

हार न होगी तेरी मेरे श्याम ने कहा है

मन साफ़ हो जो तेरा दिल से उसे निरख लो

पन्नू को छोड़ न देना मजधार में कन्हिया

तुझपर ही भरोसा संसार में किया है

डूबे गी या बचे गी परवाह नही है मुझको

माहि है काम तेरा तो तुम ही इसे बचा लो

मुझको एह श्याम मेरे चरनो में अपने रखलो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।