तेरी कैसी मुझसे यारी तू दाता मैं भिखारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी कैसी मुझसे यारी तू दाता मैं भिखारी

बनवारी गिरधारी ओ मुरारी सुखकारी

आंधियां ही हर तरफ हैं मेरे सर पे छत नहीं है

तूफ़ान का सिलसिला है दीवारों दर नहीं है

तू आजा आड़ बांके तुझे ही लाज़मी है

अब तेरा आसरा है मेरी देखो ये लाचारी

मेरे दाता गिरधारी .................

नरसी की लाज राखी नानीबाई की शान बढ़ाई

कर्मा की ज़िद उठाई मेरी क्यों ना हुई सुनवाई

वो सुदामा था यार तेरा कब आएगी मेरी बारी

कहीं देर ना हो जाये दुनिया से मैं तो हारी

तेरी कैसी मुझसे यारी तू दाता मैं भिखारी

बनवारी गिरधारी ओ मुरारी सुखकारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।