बाबा की चिट्ठी आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा की चिट्ठी आई संदेसा ये है लाइ

मिलने को तड़पे वो भी प्रेमी की याद सताई

बाबा की चिट्ठी आई .................

पहले तो सबको जय श्री श्याम लिखा है

खबरे पूछी जी का हाल लिखा है

अब मिलना जल्दी होगा कहके ये धीर बंधाई

मिलने को तड़पे वो भी प्रेमी की याद सताई

बाबा की चिट्ठी आई .................

कैसा नज़र होगा अब खाटू धाम में

जी भर के बातें होंगी आमने सामने

घड़ियाँ भी काम पद जाएँ बातें हैं इतनी सारी

मिलने को तड़पे वो भी प्रेमी की याद सताई

बाबा की चिट्ठी आई .................

लाडो फिर कीर्तन होगा ग्यारस की रात का

जैकारा खूब लगेगा बाबा के नाम का

इस दिन की ही चाहत में कितनी हैं रात बिताई

मिलने को तड़पे वो भी प्रेमी की याद सताई

बाबा की चिट्ठी आई .................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।