कैसे करू तुम्हारा मैं शुकरिया बता दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कैसे करू तुम्हारा मैं शुकरिया बता दे

उम्मीद से भी ज्यदा तूने क्यों दिया बता दे,

कैसे करू तुम्हारा मैं शुकरिया बता दे

जीने को है जरुरी बरसी है उतनी दोलत

बे इन्तहा दयालु की है जहाँ में शोरत,

मशहुर मुझको इतना तूने क्यों किया बता दे,

उम्मीद से भी ज्यदा तूने क्यों दिया बता दे,

कैसे करू तुम्हारा मैं शुकरिया बता दे

ये गम है क्या की मुझको धनवानों में बिठाया,

ग्यानी जनों के सन मुख मुझे मान है दिलाया,

लायक नही था जिस के तूने क्यों दिया बता दे

उम्मीद से भी ज्यदा तूने क्यों दिया बता दे,

कैसे करू तुम्हारा मैं शुकरिया बता दे

पैसो से पा सकू न वो चीज मुझे दी है

पहचानता था मुझको तूने भीड़ में भी दी है

तेरे हर्ष पे कर्म ये तूने क्यों किया बता दे

उम्मीद से भी ज्यदा तूने क्यों दिया बता दे,

कैसे करू तुम्हारा मैं शुकरिया बता दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।