बाबा मेरे करना बस इतना कर्म

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ॐ साईं राम जय जय, ॐ साईं राम ll

साईं तेरे गाँव में, नीम की छाँव में ll,

गुज़र जाए, मेरी सारी जिंदगी l,,

'बाबा मेरे करना बस, इतना कर्म,

पास हो तूँ मेरे जब, निकले यह दम' l

तेरा मेरा मेरा तेरा, प्यार न हो कम,

सेवा करूँ तेरी यही, मेरा है धर्म,

*संग रहूँ तेरे मिले, जब भी जन्म,,,

'बाबा मेरे करना बस, इतना कर्म,

पास हो तूँ मेरे जब, निकले यह दम' l

साईं तेरे गाँव में, नीम की छाँव में ll,

गुज़र जाए, मेरी सारी जिंदगी l

तूँ है मेरे साथ किस, बात की फ़िक्र मुझे l

तूँ न रूठ जाए मेरे, नाथ है यह डर मुझे l

जाना नहीं मांगने, खैरात किसी दर मुझे l

जो भी मिले तुझसे, उसी मे है सब्र मुझे,

मर्ज़ी, है तेरी चाहे, ख़ुशी दे या ग़म,,,

बाबा मेरे करना बस,,,,,,,,,,,,,,,,,F

बाबा मेरी जिंदगी, तुम्हारी है ग़ुलाम l

आती जाती साँसे कहे, ॐ साईं राम l

वारूँ तेरे कदमों पे, नेमते तमाम l

मेरे रोम रोम पे, लिखा है तेरा नाम l

साईं, तेरे नाम के, सहारे जिए हम,

साईं तेरे गाँव में, नीम की छाँव में ll,

गुज़र जाए, मेरी सारी जिंदगी l

बाबा मेरे करना बस,,,,,,,,,,,,,,,,,F

साईं तेरे रंगों में, रंगा ली यह नज़र l

तूँ ही तूँ है देवा, अब देखूँ मैं जिधर l

जब से जुड़ा है तेरे, दर से यह सर l

तेरा हूँ दीवाना, नहीं अपनी खबर l

कभी, मुस्काऊँ कभी, पलकें हो नम,

साईं तेरे गाँव में, नीम की छाँव में ll,

गुज़र जाए मेरी, सारी जिंदगी l

बाबा मेरे करना बस,,,,,,,,,,,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।