मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हाल दिल का तुझसे केह दिया तेरा काम जाने,

मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने

रंग दुनिया के मैं न समज पाता हु

हस के माया में तेरी उलज जाता हु

कैसे रखता है तू सब पे लगाम जाने

मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने

तुझको मंजूर जो जग में होता वही

राज गेहरा हो कितना वो छुपता नही

सिवा तेरे न किसी का कोई अंजाम जाने

मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने

छोड़ा जग तो प्रबु तेरा दर मिल गया

इस दास को चरणों में घर मिल गया

कैसे रखे गा तू भगतो का समान जाने

मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।