जय महाकाल परम पिता

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय महाकाल परम पिता शम्भु नमस्ते

शम्भु नमस्ते सवयमबू नमस्ते

जय महाकाल परम पिता शम्भु नमस्ते

पुण्ये भूमि महाकाल की अवंतिका शुभ नाम

सत्य पूरी में इक यह महा मोकश का धाम,

चित्रा आधी ये उपवने संधि बनी का वास

सर्व कला जिनको सुलब सद गुण जिनके दास

शीशो को गुरु देव ने वेद विधि संस्कार

गुरु संग मिल के सब करे विधि वध मन्त्र उचार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।