राम नाम भजले रे मनवा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम भजले रे मनवा होगा बेडा पार

बोलो राम जय श्री राम बोलो राम जय श्री राम

यही नाम भव तारण हारी जीवन का है सार

बोलो राम जय श्री राम बोलो राम जय श्री राम

कोश्यला दसरथ नन्द कोटि कोटि तुम को बंधन,

महिमा तुम्हारी है अपार

भव में है भटके नैया कोई नही है सहया

बन जाओ मेरी पतवार

किरपा दृष्टि बरसे जो तुम्हारी हो जाए उधार

बोलो राम जय श्री राम बोलो राम जय श्री राम

गाऊ तो कैसे गाऊ गुण राम नाम का

महिमा प्रभु की है अपार

लुट ले लोभी मनवा धन राम नाम का

जन्मो के भरले भण्डार

भटके गा न तू लख चोरासी

होगा बेडा पार

बोलो राम जय श्री राम बोलो राम जय श्री राम

दूषित हुआ है प्रभु जी मनडो भी मनवा मेरा

भटका मैं जीवन भर अपार

काम क्रोध मोह माया लोभ में फसा था जीवन

समजा न जीवन का मैं सार

हो जाए गी कंचन काया करलो ये शिंगार

बोलो राम जय श्री राम बोलो राम जय श्री राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।