तेरे नाम के पागल हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम के पागल हैं हमे दुनिया की परवाह नहीं

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

तेरे नाम के पागल हैं ...............

श्याम का प्रेमी होना प्यारे छोटी बात नहीं है

श्याम प्रेम से बढ़के दूजी कोई सौगात नहीं है

श्याम प्रेम से बढ़के जग में कोई सौगात नहीं है

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

तेरा साथ मिला हमको किसी और के साथ की चाह नहीं

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

तेरे नाम के पागल हैं ...............

हर दिन हर पल तेरे प्रेम की मस्ती चढ़ जाए

तेरे कीर्तन भजन बिना हमें और ना कुछ भी भाये

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

तेरा रंग चढ़ा हम पे किसी और रंग की चाह नहीं

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

तेरे नाम के पागल हैं ...............

श्याम से रिश्ता जोड़ के मोहित मालामाल हुए हैं

श्याम के थोड़ा करीब आके हम निहाल हुए हैं

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

हमें इतना मिला सम्मान किसी और मान की चाह नहीं

तुमको पाके इस जीवन की अब तो कोई चाह नहीं

तेरे नाम के पागल हैं ...............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।