दिल की पुकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन में आस जगी मैंने दिल की सुनी आ गयी दर तेरे दौड़ के

लाज रखना मेरे तू विश्वास की बैठो न ऐसे मोड़ के

बहुत बीते हैं दिन रातें मगर इस बार खबर लेना

सदा खाली रहा दामन मगर इस बार तू भर देना

तेरी मैं राह तकती हूँ सदा पलकें बिछा कर के

मेरी किस्मत को बदलोगे सोये भाग जगा कर के

सदा लौटी बिन दर्शन मगर इस बार दरश देना

सदा खाली रहा दामन मगर इस बार तू भर देना

तेरी देहलीज़ से कोई गया ना आज तक खाली

बड़ी से बड़ी विपदा सुना ये तूने ही टाली

दिए हैं ज़ख़्म दुनिया ने मगर तुम तो मरहम देना

सदा खाली रहा दामन मगर इस बार तू भर देना

नहीं चुपचाप यूँ बैठो ज़रा मुख से तो कुछ बोलो

करे ये अर्ज़ पूनम श्याम तुम अपनी आँख तो खोलो

भटकती ही रही दर दर पर अब बाँहों में भर लेना

सदा खाली रहा दामन मगर इस बार तू भर देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।