ओ म्हारा बाबोसा सरकार थासू विनती बारम्बार

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॥ पावन पाठ ॥

विघ्नहरण मंगलकरण,

चूरू वाले बाबोसा रो नाम,

जो कोई बाबोसा रे धाम में आवे बाबोसा पूरे सगळा काम...

ॐ बाबोसा, जय जय बाबोसा,

ॐ बाबोसा, जय जय बाबोसा,

ओ म्हारा बाबोसा सरकार,

थासू विनती बारम्बार,

म्हारे आँगणे पधारो जी,

बाबोसा म्हारे आँगणे पधारो जी

कुमकुम कलश सजायो बाब तोरण द्वार बंधायो,

फूलों री कलियाँ सु बाबा घर आँगण महकायो,

जगमग दीवले री है कता

भावा री मीठी है मनुहार म्हारे आँगणे पधारो जी,

बाबोसा म्हारे आँगणे पधारो जी....

माँ छगनी रा लाल था बिन सुनी कुटिया हमारी,

दर्शन ने म्हारा नैणां तरसे राह निहारे तुम्हारी,

राखो राखो म्हारी लाज म्हाने दो दर्शन थे आज,

म्हारे आँगणे पधारो जी बाबोसा म्हारे आँगणे पधारो जी...

थे ही जाणों सब रे मन री थाने के बतलावां,

थासू मिलण री आस है म्हाने दर्शन कर सुख पावा,

वैभव करे है मनुहार दिलबर आओ एक बार,

म्हारे आँगणे पधारो जी बाबोसा म्हारे आँगणे पधारो जी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।