आओ सखियों मिल गाओ वधाई

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आओ सखियों मिल गाओ वधाई राम की बारात झनक पुर में आई

देखो दूल्हा बने है राम रघुराई

आओ सखियों मिल गाओ वधाई राम की बारात झनक पुर में आई

राजा दशरथ सज गए और सज गई सारी बारात

आये देवी देवता गुरु वशिष्ट के साथ

आओ सखियों मिल गाओ वधाई राम की बारात झनक पुर में आई

एसी जोगी और न जग में जैसे सीता राम की,

मंगल गान हो रहे चहू दिशी जय हो सीता राम की

दोनों कुलो ने देखो रीत निभाई

आओ सखियों मिल गाओ वधाई

माँ सीता संग बनी है दुल्हन तीनो बेहने आज,

राम लखन और भरत शत्रु घन देखो बैठे मंडप साथ

सातो वचन लिए रस्मे निभाये

आओ सखियों मिल गाओ वधाई ..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।