मैं कैसे करू री मेरो छोटो सो लंगुरिया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं कैसे करू री मेरो छोटो सो लंगुरिया

छोटो सो लंगुरियां बड़ो प्यारो सो लंगुरियां

मैं कैसे करू री मेरो छोटो सो लंगुरिया

सास लाइ लाडू जेठानी लाइ पेडा मेरो लंगूर लायो री

काली गाजर का हलवा

मैं कैसे करू री मेरो छोटो सो लंगुरिया

सांस लाइ साडी जेठानी लाइ चुनी

मेरो लांगुर लायो री काली साटन का लेहंगा

मैं कैसे करू री मेरो छोटो सो लंगुरिया

सास लाइ बकरी जेठानी लाये गाये

मेरो लंगूर लायो री काली कुतियाँ का पिला

मैं कैसे करू री मेरो छोटो सो लंगुरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।