खाटू ले चालो माहने घर माहरे आये के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पे बुला लो न बैठा इंतजार में

खाटू ले चालो माहने घर माहरे आये के

दिन रात माहने याद बस थारी आवे है

रुलावे तडपावे माहने घनिया सतावे है,

इब तो लेले बाबा खबर म्हारी आये के

खाटू ले चालो माहने घर माहरे आये के

दर्शन की प्यासी अखियाँ नीर बहावे है,

मनडो न लागे म्हारो मिलनों चाहवे है

आयेके सम्बालो इब थी न देर लगाये के

खाटू ले चालो माहने घर माहरे आये के

दासी मैं दर की थारी घनी ही पुरानी हु

थाणे ही जानू बस मैं थाणे ही मानु हु

तू ही दुनिया म्हारी खाऊ कसम खाए के

खाटू ले चालो माहने घर माहरे आये के

दर्श थारा पाके मैं तो चेन घना पाऊगी

झूमी गी नाचू मैं तो भजन सुनाऊ गी

अर्जी सुनावे विपिन पूजा संग गाये के

खाटू ले चालो माहने घर माहरे आये के

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।