मेरी जिंदगी के मालिक

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी जिंदगी के मालिक

श्याम...

मेरे दाता मेरे रहबर

श्याम...

मेरी जिंदगी के मालिक

मेरे दाता मेरे रहबर

तेरी याद सताती है

रातो को जगाती है

तेरे बिन श्याम ना जीया जाये

जीया जाये...

मेरे दिल को भी अब ना चैन आये,

सांवरे बिन तेरे ना जीना है

जहर-ए-जुदाई अब ना पिना है

मुझे चरणों में तेरे रहना है

हाल-ए-दिल श्याम तुमसे कहना है

काश ऐसा हो के तु आ जाये

आ जाये..

मुझे अपने गले लगा जाये..

तेरे बिन श्याम ना जीया जाये

जीया जाये...

मुझे एक पल भी अब ना चैन आये

मुझे बस अब तेरी ही चाहत है

मेरे दिल की तो तु ही राहत है

बाबा तु ही मेरी इबादत है

मुझे तो सिर्फ तेरी आदत है

श्याम तेरे सिवा ना कुछ भाये

ना कुछ भाये...

जहां देखु तु ही नजर आये

तेरे बिन श्याम ना जीया जाये

जीया जाये...

मेरे दिल को भी अब ना चैन आये

है तमन्ना के खाटु में आऊ

तेरे दर का गुलाम बन जाऊ

दामन-ए-श्याम मे मैं छुप जाऊ

मैं किसी को भी नजर ना आऊ

मुझे उस पल ही मौत आ जाये

आ जाये...

मेरी रूह श्याम में समा जाये

तेरे बिन श्याम ना जीया जाये

जीया जाये...

मेरे दिल को भी अब ना चैन आये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।