छोटे छोटे पाँव तेरो मदन मुरारी

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

छोटे छोटे पाँव तेरो मदन मुरारी

ठुमक ठुमक चले लकुटी है भारी

मैया सम्बालो नन्द लाल को

प्यारे सो मदन गोपाला को भोले सु मदन गोपाला को

बांधे राखो आँचल से तेरो कान्हा नटखट है

भेजो न मधुवन में मैया यमुना जी का पनघट है,

कलिअस कोमल है देखो गिरधारी

लागे न नजर सब ताके नर नारी,

नैना नशीले ब्रिज बाला को

मैया सम्बालो नन्द लाल को ....

इक तो श्याम वर्ण तेरो कान्हा दूजी चंचल काया रे

भाग्य बदलने गोकुल का ये तारण हार है आया रे,

मोर मुकट कान्हा लागे बलिहारी

मीठी मुस्कान हर विपति लचारी

लाली सूरज प्रति पाला को

प्यारे से मदन गोपाला को

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।