उर में पधारो मेरे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

उर में पधारो मेरे गजानन उर में पधारो मेरे ,

कर रहे वंदन तुम्हारे गजानन उर में पधारो मेरे,

माता उमा पिता शिव भोले,जाटा से गंग बहावे,

सब देवन में पूजित पहले शिव नन्दन कहलावे,

गजानन उर में पधारो मेरे , उर में पधारो मेरे,

एक दंत गजवदन मनोहर,भक्त जनन के प्यारे,

मूषक वाहन कुंडल कानन,गजमुख मन मोरे भावे,

गजानन उर में पधारो मेरे , उर में पधारो मेरे ,

ऋद्धि सिद्धि तेरी चवर डुलावत लडुवन भोग लगावे,

रघुवीर वंदन गावे तेरे चरणों में शीश झुकावे ,

गजानन उर में पधारो मेरे,उर में पधारो मेरे ,

लेख़क -रघुवीर पाण्डेय

Mo:-9555897799

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।