गणपति गण के साथ में आओ मेरे दरबार

रघुवीर पाण्डेय
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति गण के साथ में आओ मेरे दरबार,

नमन करूँ तुझे प्रेम से शत-शत बारम्बार,

गं गणपतये नमो नमः सिद्धि विनायक नमो नमः,

अष्ट विनायक नमो नमः करता रहूँ मैं ध्यान,

एक दंत गज वदन मनोहर शोभा तेरी न्यारी ,

सबके संकट को काट है शिव शंकर वर दायी,

लम्बोदर भगवान को आओ मनावें आज,

नमन करूँ तुझे प्रेम से शत - शत बारम्बार,

भादव चौथ की तेरी पूजा करती दुनियां सारी,

सबसे पहले हर पूजन में होती पूजा तुम्हारी,

पहले पूजा होने का है मिला तुझे अधिकार,

नमन करूँ तुझे प्रेम से शत - शत बारम्बार,

पान सुपारी अक्षत चंदन औऱ चढाऊँ हार,

मोदक तेरे मन को भावे ओ गौरी के लाल,

रघुवीर लिखते भक्ति भाव से के विनती स्वीकार,

नमन करूँ तुझे प्रेम से शत - शत बारम्बार,

गणपति गण के साथ में आओ मेरे दरबार

नमन करूँ तुझे प्रेम से शत शत बारम्बार,

लेखक-रघुवीर पाण्डेय

मोo-9555897799

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।