चूरू धाम घर को बनाना

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॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - स्वर्ग से सुंदर सपनो से प्यारा....

मिगसर की पाँचम है आई , सजेगा फिर दरबार

बाबोसा के होंगे दर्शन , ऑन लाइन इसबार

हो भक्तो भूल न जाना ,चुरू धाम घर को बनाना

मिगसर की पाँचम है आई , सजेगा फिर दरबार

बाबोसा के होंगे दर्शन , ऑन लाइन इसबार

उत्सव ये है सुहाना , ऑन लाइन दर्शन करना

मिगसर की पाँचम है आई...

आई है अंगना हमारे रुत ये सुहानी

मिगसर पांचम की अमिट कहानी

राजतिलक हुआ बाबोसा का शुभ दिन बना त्यौहार

बाबोसा के होंगे दर्शन , ऑन लाइन इसबार

हो भक्तो भूल न जाना ,चुरू धाम घर को बनाना

उत्सव है ये सुहाना , ऑन लाइन दर्शन करना

मिगसर की पाँचम है आई...

तमन्ना जो मन मे भक्तो , रहे ना अधूरी

आन लाइन करना इस , साल आस पूरी

झूम नाचकर खुशियाँ मनाना , संग हो सारा परिवार

बाबोसा के होंगे दर्शन , ऑन लाइन इसबार

हो भक्तो भूल न जाना ,चुरू धाम घर को बनाना

उत्सव है ये सुहाना , ऑन लाइन दर्शन करना

मिगसर की पाँचम है आई...

कोरोना के चलते किया सारा इंतजाम है

दुख में भी ना भूले हम , बाबोसा का नाम है

मंजू बाईसा कहती है "दिलबर" , आयेगे हम चुरू धाम

बाबोसा के होंगे दर्शन , ऑन लाइन इसबार

हो भक्तो भूल न जाना ,चुरू धाम घर को बनाना

उत्सव है ये सुहाना , ऑन लाइन दर्शन करना

मिगसर की पाँचम है आई...

✍️ रचनाकार ✍️

दिलीपसिंह सिसोदिया

❤️ दिलबर ❤️

नागदा जक्शन म.प्र.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।