सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति है,

उसी मुक्ति को पाने को मैं काशी नगरी आया हूं,

मेरे भोले बम्म भोले में काशी नगरी आया हूं,

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में गंगा है,

उसी गंगा को पानी को मैं काशी नगरी आया हूं,

मेरे भोले बम्म भोले में काशी नगरी आया हूं,

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में भक्ती है,

उसी भक्ति को पाने को मैं काशी नगरी आया हूं,

मेरे भोले ओ बम्म भोले मैं तेरी काशी में आया हूं ,

प्रदीप जी मिश्रा सीहोर मध्य प्रदेश

जय श्री कृष्णा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।