ये श्री बालाजी महाराज हैं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ये श्री बालाजी महाराज हैं

रखते भक्तो की ये लाज हैं

ये श्री बालाजी महाराज हैं

रखते भक्तो की ये लाज हैं

घाटे मे बैठे श्री बालाजी

मेरे सियाराम की शान हैं

ये तो बालाजी महाराज हैं

सबके दाता हैं ये, नाम हनुमत मिला

थामकर इनकी उंगली है, जो भी चला..

चर्नो मे बैठ के, इनके देखो कभी

दूर हो जाएगी आपकी हर बला

इतने उपकार हैं क्या कहें

ये बताना न आसान है

घाटे मे बैठे श्री बालाजी

मेरे सियाराम की शान हैं

ये श्री बालाजी महाराज हैं

आसरा है तेरा, सारा जग ये कहे

तेरे चर्नो से ही, प्रेम गंगा बहे

आए जो भी यहाँ, दुख को ये टाल दे

राम कहता है जो, उसे ये को प्यार दे

बाला के रूप में है प्रभू

देता सबको ही वरदान है

घाटे मे बैठे श्री बालाजी

मेरे सियाराम की शान हैं

ये श्री बालाजी महाराज हैं

आपके दर पे हम, यूँ ही आते रहें

आपके प्रेम को यूँ ही पाते रहें

करुणा मिलती रहे, आपके चर्नो से

ध्यान मेरा रहे, आपके चर्नो मे

आप यूँ ही मेहरबा रहें

सबके दिल मे ये अरमान है

घाटे मे बैठे श्री बालाजी

मेरे सियाराम की शान हैं

ये श्री बालाजी महाराज हैं

ये श्री बालाजी महाराज हैं

रखते भक्तो की ये लाज हैं

ये तो बालाजी महाराज हैं

रखते भक्तो की ये लाज हैं

घाटे मे बैठे श्री बालाजी

मेरे सियाराम की शान हैं

ये तो बालाजी महाराज हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।