मुझे तेरी बड़ी है दरकार संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाह मेरी भी पकड़ इक बार संवारे

मुझे तेरी बड़ी है दरकार संवारे

मेरी नैया है बीच मजधार संवारे ,

आके मुझको लगा दे उस पार संवारे

मुझे तेरी बड़ी है दरकार संवारे

मेरा तुझपे भरोसा बड़ा भारी है लोग केहते तुझे दातारी है

मेरी बारी क्यों देर लगाई संवारे,

तेरीयाद में आँखे भर आई संवारे

मेरे आंसुओ को देख इक बार संवारे

मुझे तेरी बड़ी है दरकार संवारे

जिसने भावो से तुझको मनाया है

मेरे संवारे उसी ने तुझे पाया है,

नजरे मुझ पे भी कर मेरे श्याम संवारे

मेरे दिल का यही है अरमान संवारे

तुझे मिलने को दिल बेकरार संवारे

मुझे तेरी बड़ी है दरकार संवारे

बड़ी आस लेके दर तेरे आया हु

सारी दुनिया का संवारे सताया हु

अपने सीने से लगा ले इक बार संवारे

तेरे दास की तू सुन ले पुकार संवारे,

राज मित्तल पे कर उपकार संवारे

मुझे तेरी बड़ी है दरकार संवारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।