तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी

तू आके एहदे लग चरनी तेरे आपे कम सवारे गी

तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी

एह्तो सब नु मुरादा मिल दिया ने कोई मुड के खाली जांदा नही

दर आया नु गल ला लेंदी कोई खाली सवाली जांदा नही

तेरे वारे न्यारे हो जाने जदों मेहर नजर दी मारे गी

तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी

चिंता पुरनी भी कहंदे ने झंडे वाली भी कहंदे ने

विच ज्योत दे रूप ज्वाला ऐ,

एह्नु माँ काली भी कहंदे ने

एह शक्ति आद भवानी माँ तेनु भव सागर तो तारे गी

तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी

पल्ला माहि फेला के देख तू माँ दी ज्योत जगा के देख

तेनु सुख सारे मिल जाने ने इक वारी दर ते आके देख

बादशाह पूरी तेरे कलमा मेहरा दे छीटे मारे गी

तेनु चिंता करन दी लोड नही मेरी झंडे वाली तारे गी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।