माँ आई विदाई के पल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ आई विदाई के पल तुझ बिन आ जाएगा कल

रोये याहा तेरी संतान,

वाहां भी तेरा आंचल माँ

माँ आई विदाई के पल तुझ बिन आ जाएगा कल

नो दिन संग हमारे रही माँ खुशियों से घर को सजाया

हम को इतना प्यार दिया फिर छोड़ के हम को रुलाया,

जैसे जैसे दूर चली तू मन में मचे इक हल चल माँ

माँ आई विदाई के पल तुझ बिन आ जाएगा कल

कलश दिया ये फूल धुप सा आंसू संग वहाते है

सझे धजेजन्द्र बार वो मैया सुना पण सेह जाते है

भगत सभी और सेवक तेरे रोयेगे हर पल

माँ आई विदाई के पल तुझ बिन आ जाएगा कल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।