जय हो जय हो घजानन तुम्हारी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय हो जय हो घजानन तुम्हारी कैसे करते हो मुसक सवारी,

तेरी आंखे छोटी छोटी बाहे

रखे चारो दिशा में निघाहे,

पेट तेरा बहुत है भारी कैसे करते हो मुस्क सवारी

जय हो जय हो घजानन तुम्हारी कैसे करते हो मुसक सवारी,

काज दीवन के तुमने सवारे शिव शंकर के तुम बड़े प्यारे

ओ रे गोरा तुम्हारी माँ तारी कैसे करते हो मुसक सवारी,

जय हो जय हो घजानन तुम्हारी कैसे करते हो मुसक सवारी,

विघन वाधा मिटाने वाले अपने भगतो के हो रखवाले

तुम आधी देव अवतारी कैसे करते हो मुसक सवारी,

जय हो जय हो घजानन तुम्हारी कैसे करते हो मुसक सवारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।