नैन खोल देख मैया भगत की पुकार है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नैन खोल देख मैया भगत की पुकार है

शेरावाली मैया तेरी महिमा अपार है

जग रखवाली मुझे तेरा ही आधार है

दीन दुखियो की करती तू ही बेडा पार है

नैन खोल देख मैया भगत की पुकार है

गले मुंड माला तू तो काली मतवाली है

वैष्णो भवानी तेरी बात ही निराली है

ध्यानी और दानी तेरा पाए नही पार है

खाली झोली लेके मैया आये तेरे द्वार है

नैन खोल देख मैया भगत की पुकार है

तू ही नव दुरगा तू ही चंडीका विशाल है,

देवी महा लक्ष्मी करती माला माल है

देर न लगाओ लगी भगतो की कतार है देदो माँ सहारा तेरी जय जय कार है

नैन खोल देख मैया भगत की पुकार है

अखियो में दर्शन मैया तेरा जो मैं पा लू

तेरी तस्वीर माता दिल में वसा लू

मेरे प्यासे नैना की इक ही पुकार है

तेरे ही दीदार को मैया जीया बेकरार है

नैन खोल देख मैया भगत की पुकार है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।