हर सपने को सजाया आ कर तेरे खाटू में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर सपने को सजाया आ कर तेरे खाटू में,

जब से ये सिर झुकाया आकार तेरे खाटू में,

गोकुल का है तू ग्वाला तू ही श्याम खाटू वाला

देखि है तेरी माया आकर तेरे खाटू में

हर सपने को सजाया आ कर तेरे खाटू में,

रेहमत का है समंदर तेरे खाटू का ये मंदिर,

बदली है सब की काया आकर तेरे खाटू में

हर सपने को सजाया आ कर तेरे खाटू में,

खाटू नगर तुम्हारा हारो का है सहारा

ये नसीब जग मगाया आकर तेरे खाटू में

हर सपने को सजाया आ कर तेरे खाटू में,

शर्मा तुम्हरे ही तो टुकडो पे पल रहा है

सब कुछ ही मैंने पाया आकर तेरे खाटू में

हर सपने को सजाया आ कर तेरे खाटू में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।