ये गाडी रिंग्स से चाली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यो सारी दुनिया है दुःख दाई ध्यान से सुन लो सारे भाई

याहा अपनों का नही है भरोसा

कही है गड़े कही खाई

एक ही नाम एक ही धाम एक ने मान लो भाई

छोड़ दे इस दुनिया सगरी ने खाटू वाले की नगरी के

ये गाडी रिंग्स से चाली,

खाटू वाले की नगरी में काहे का न घाटा,

सारी चिंता ने कर दो बाय बाय टाटा

इक बार आके देख लो जाके

मेरी बात है साची

छोड़ दे इस दुनिया सगरी ने खाटू वाले की नगरी के

ये गाडी रिंग्स से चाली,

बिन बोले सुन लेता मेरा देखो खाटू वाला बाबा

इक बार तू बाबा से बस जोड़ ले जाके नाता

डूबा जा दुःख में पोंहंच जा सुख में यो मेरी बात है साँची

छोड़ दे इस दुनिया सगरी ने खाटू वाले की नगरी के

ये गाडी रिंग्स से चाली,

रिंग लगे न कोई भी गठरी रंग भी आवे चोखा

खाटू वाले की नगरी में मिले कदे न धोखा

चंग के साथ मिला लो हाथ यो मेरी बात है साँची

छोड़ दे इस दुनिया सगरी ने खाटू वाले की नगरी के

ये गाडी रिंग्स से चाली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।