महिमा भोले की गाये

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले को घर में भुलाए महिमा भोले की गाये

चरणों में धोक लगाये और डमरू भ्जाये,

भोले को घर में भुलाए महिमा भोले की गाये

भोले जी को मेवा न मिश्री भाये

भोले जी को धतुरा भंगिया है भाये

भोले को बंगियाँ धतुरा चलो मिल कर चड़ाये

भोले को घर में भुलाए और बम बम है गाये

हाथी न भाए घोडा न भाये

भोले बाबा को नंदी है भाये

नंदी की करके सवारी बाबा देखो दिखलाए

भोले को घर में भुलाए महिमा भोले की गाये

सर्पो की माला देखो सिर पे सजाये ,

तन पर है भोले देखो राख रमाये,

भूतो की टोली के संग में

भोला नाच दिखाये

भोले को घर में भुलाए महिमा भोले की गाये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।