बाबा आवेगा मेरा बाला जी आवेगा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हे ऋ जय बाबा जी गाओ मीठी तालियाँ बजाओ

दर्शन होंगे सब को कोई न रेह पावेगा

बाबा आवेगा मेरा बाला जी आवेगा

तेरी ज्योति जगी दरबार में फूलो की खुशबु से न्यारी

रंग बिरंगी लगी लाईटे लागे से घनी प्यारी,

मैं हु किस्मात की मारी बाबा जीना सिखावेगा

बाबा आवेगा मेरा बाला जी आवेगा

हो मेहंदीपुर की गली गली में भारी शोर मचा है

जय बाबा की जय बाबा की चारो और बजा है

तेरा सचा धाम लगा है दर्स्शन तने दे जावेगा

बाबा आवेगा मेरा बाला जी आवेगा

लिख लिख के उतम छोकर ने आशा तेरे प्यार के

के के मैं तारीफ करू तेरे मेहंदीपुर दरबार की

विकास चोधरी बाबा नये नये साज बजावे गा

प्रियंका बेटी के संग में मेरा बाबा गायेगा

बाबा आवेगा मेरा बाला जी आवेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।