धूम मची मैया के दरबार में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

धूम मची मैया के दरबार में

भीड़ लगी है मैया के दरबार में

दूर दूर से भक्त है आये लाल चुनरियाँ माँ को चड़ाये

पान सुपारी ध्वजा नारियल शरदा से मैया को चड़ाये

लग रहे जय कारे घर घर परिवार में

भीड़ लगी है मैया के दरबार में

निर्धन को है धन देती माँ कोडियन को देती काया

जो भी माँ के दर पे आया खुशियाँ झोली भर के पाया

अप्रम पार महिमा माँ की संसार में

भीड़ लगी है मैया के दरबार में

भात लगा कर देह्शी दरिन्दे बेटियों को रोज सताए

चीख चीख कर माता बेहने बेटियां माँ तुम्हे बुलाये,

नही शुरक्षित बेटियां अब घर बार में

भीड़ लगी है मैया के दरबार में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।