तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा से अर्जी लगाओ खाटू वाले से अर्जी लगाओ

तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

तेरे होते मैं क्यों हार जाऊ

तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

गम की आंधी ये कैसी चली धुंद ली हो गई हर कली

तेरी चोकठ पे बाबा खड़ी

झोलियाँ तुम ने सब की भरी

दिल के छाले तुम्हे मैं दिखाऊ

तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

माना किसमत में कुछ न लिखा करदो थोड़ी तू मुझपे किरपा

आज करामात अपनी दिखा

बाबा करती हु तुम से गिला

लिखा किस्मत का कैसे मिटाऊ

तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

तेरे दरबार आती रहू तेरे दर्शन को पाती रहू

बस इतनी सी अर्जी मेरी अब तो सुन लो प्रभु मेरी

तेरा दर छोड़ के अब न जाऊ

तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

नाम तेरा ये राखी रटेगे आज तुझको ये पाके हटे गी

हारे गी न ये बाबा यकीन है आज तुज्को मना के रहेगी

अन्सुयो में मैं खुद को डूबाऊ

तू सुनेगा तुझे मैं सुनाऊ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।