माँ का नाम लिखा रखा है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

और इस दिल में क्या रखा है,

माँ का नाम छुपा रखा है,

चीर के देखो दिल मेरा तो,

माँ का नाम लिखा रखा है,

माँ से चलती है ये दुनिया सारी,

माँ की ममता की ये महिमा न्यारी,

दिल से हरदम हरपल,

बस माँ की पूजा की,

बस माँ की पूजा की,

दीवाने हैं माँ के सारे,

माँ का नाम खुदा रखा है,

और इस दिल में क्या रखा है,

माँ तेरा नाम छुपा रखा है

धड़कते सीने में माँ धड़कन तेरी,

जिन्दगी ये मेरी अमानत है तेरी,

देवों ने भी हरपल

बस माँ की पूजा की,

बस माँ की पूजा की,

चरणों में है स्वर्ग मैया के,

सारा जहान छुपा रखा है,

और इस दिल में क्या रखा है,

माँ तेरा नाम छुपा रखा है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।