श्याम तेरी लगन जो लगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तेरी लगन जो लगी

तो अगन भी लगे बर्फ सी

तेरी परशाई हम पे बिछी

जो मिठाई पे वो बर्क सी

सब जगह से निकाले हुए तेरी महफ़िल में शामिल हुए,

सच कहे एसी किरपा हुई अब जमाने के काबिल हुए

है मिजाजी ये मोसम बुरा

तू दवा मेरे हर मर्ज की

श्याम तेरी लगन जो लगी

थे दशा से बेचारे कभी

हर दिशा आज खुश रंग है

भीड़ में भी थे तन्हा बड़े अब कमी न जो तू संग है

जिन्दगी वो पढाई हुई

पाठ भी तू है तू शब्द भी

श्याम तेरी लगन जो लगी

आशा वादी ये दरबार है

हर निराशा गई हार है

पापी को भी जो निर्मल करे श्याम तेरा वही प्यार है,

होना सारा जहां पर मिले तेरे बिन सारे खुद गरज ही

श्याम तेरी लगन जो लगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।