गणपति आज पधारो श्री राम जी की धुन में

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

रामजी की धुन में,

श्री रामजी की धुन में ।

मोदक भोग लगाओ,

श्री रामजी की धुन में ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

गणपति आज पधारो,

और रिद्धि सिद्धि लाओ ।

सुख आनंद बरसाओ,

श्री रामजी की धुन में ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

हनुमंत आज पधारो,

देवा पवन वेग से आओ ।

बल बुद्धि दे जाओ,

श्री रामजी की धुन में ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

ब्रम्हाजी पधारो,

माता ब्रम्हाणी को लाओ ।

वेद ज्ञान समझाओ,

श्री रामजी की धुन में ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

नारद आज पधारो,

छम छम, छम कर ताल बजाओ ।

नारायण गुण गाओ,

श्री रामजी की धुन में ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

प्रेम मगन हो जाओ भक्तो,

राम नाम गुण गाओ ।

सुर मंदिर में आओ,

श्री रामजी की धुन में ॥

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

गणपति आज पधारो,

श्री रामजी की धुन में ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।