खाटू वाले मेरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे जैसा और न कोई दे सकता जो शीश का दान

खाटू वाले मेरे श्याम नीले वाले मेरे श्याम

हारे का तू हो गा सहारा बात ये मांगेगा जग सारा,

तुझ संग जो भी टकराएगा जीवत ना वो रेह पायेगा

जप तप करके शक्ति माँ से पाया था तूने वरदान

खाटू वाले मेरे श्याम नीले वाले मेरे श्याम

तीन वान तरकश में लाया युद में जब मेरा श्याम था आया

बोले भगवन परिचय देदो बर्बरीक ने सार बताया

हार रहा है कौन याहा पर कर दूंगा उसका कल्याण

खाटू वाले मेरे श्याम नीले वाले मेरे श्याम

इन वानो में शक्ति एसी बरम अस्त्र में थी प्रभु जैसी,

इसका छेदा बच न पाए ऐसाशक्ति माँ की कह्ती,

पीपल का हर पता छेदा तूने दे ढाला परमान

खाटू वाले मेरे श्याम नीले वाले मेरे श्याम

माही ने ये कथा बताई सुन शरदा से सुन लो मेरे भाई

ये महिमा है श्याम मेरे की

महाभारत में गई बताई युगों युगों से इस गाथा को गाते आये है विज्ञान

खाटू वाले मेरे श्याम नीले वाले मेरे श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।