मनै भी जाणा सै भोले मनै

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ह्मा चाले विष्णु चाले चाले नंदी साथ मैं,

मनै भी जाणा सै भोले मनै ले चल तेरी बरात मैं,

भूत प्रेत आर बागड़ बिल्ले,

सारे साथ मैं चाल पड़े,

देख देख कै इनके थोबड़े,

सबके कालजे हाल पड़े,

सारे जावै बाकी ना इब,

रह री मेरै गात मैं,

मंने भी जाणा सै भोले.......

डी जे ऊपर नाचण का मनै,

चाव कसूता चढ्या पड्या,

तेरै ब्याह के लाडू खाण नै,

मन मेरा भी अड्या खड्या,

तेरै हाथ में डमरू बाजै,

चिमटा मेरै हाथ मैं,

मंने भी जाणा सै भोले....

सावी लिखै भजन तेरे और,

साथ दिनेश भी गावै सै,

तेरी महिमा गा गा कै नै,

जीवन सफल बणावै सै,

सदा राखिए चरणां मैं इस,

भाण भाई के साथ नै,

मंने भी जाणा सै भोले.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।