जय दुर्गे दुर्गती परिहरीनी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

शुंभ विदारिणी, माता भवानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

शुंभ विदारिणी, माता भवानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

आदि शक्ति परब्रह्म स्वरूपिणी

आदि शक्ति परब्रह्म स्वरूपिणी

आदि शक्ति परब्रह्म स्वरूपिणी

जग जननी चहूँ वेद बखानी

जग जननी चहूँ वेद बखानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

शुंभ विदारिणी, माता भवानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

ब्रह्मा शिव हरि अर्चन कीन्हो

ब्रह्मा शिव हरि अर्चन कीन्हो

ध्यान धरत सुर नर मुनि ज्ञानी

ध्यान धरत सुर नर मुनि ज्ञानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

शुंभ विदारिणी, माता भवानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

अष्ट भुजा कर खड्ग बिराजे

अष्ट भुजा कर खड्ग बिराजे

अष्ट भुजा कर खड्ग बिराजे

सिंह सवार सकल वरदानी

सिंह सवार सकल वरदानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

शुंभ विदारिणी, माता भवानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

ब्रह्मानंद चरण मे आयो

ब्रह्मानंद चरण मे आयो

ओ ब्रह्मानंद...

ब्रह्मानंद चरण मे आयो

आयो ब्रह्मानंद, ब्रह्मानंद

ब्रह्मानंद, ब्रह्मानंद चरण मे आयो

भव भय नाश करो महारानी

भव भय नाश करो महारानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

शुंभ विदारिणी, माता भवानी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।