क्या ढूंढे मन मेरा साधू क्या ढूंढे मन मेरा

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॥ पावन पाठ ॥

क्या ढूंढे मन मेरा साधू क्या ढूंढे मन मेरा,

भटक गए सब लोग सयाने करत करत इक फेरा,

लाख यत्न कर ऋषि मुनि हारे

मिला न मन को निबेरा

क्या ढूंढे मन मेरा साधू क्या ढूंढे मन मेरा,

पाथर चुन चुन मेहल बनाये

लोग कहे घर मेरा

न घर तेरा न घर मेरा चिड़िया रेहन बसेरा

क्या ढूंढे मन मेरा साधू क्या ढूंढे मन मेरा,

भाई बंधू स्वार्थ के साथी सब केहते ये मेरा साधू

केहत कबीर सुनो बई साधू इक दिन जंगल डेरा

क्या ढूंढे मन मेरा साधू क्या ढूंढे मन मेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।