लिखी अर्जी चरणा च

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

लिखी अर्जी चरणा च करी मंजूर सतगुरु

के निभ जाए दर तेरे मेरे हजूर सतगुरु

कंडियो वी निकी है बारो वी तीखी है

जिस मार्ग चलना है ओ गुरु दी सीखी है।

सुख वड़ना दुनिया च तेरा दस्तूर सतगुरु

के नीभ जाए......

माया इस दुनिया च किसे कम ना आनी है

सेवा गुरु सीखी दी ए सच्ची कहानी है

सुख वड़ना दुनिया च तेरा दस्तूर सतगुरु

के नीभ जाए......

कच दी इस दुनिया च सच्च दा व्यापारी है

ए नाम दी दौलत ता बाबा निरंकारी है

जिस सिर ते तू हाथ रखी करी मंजूर सतगुरु

के नीभ जाए......

अवगुण अंगणित स्वर अहसान तेरे लखा

मनमोहन तनु हर दम नेना च बराई रखा

दीपू नू माफ करी तू देव कसूर सतगुरु

के नीभ जाए......

Post by:-Deepanshu Kathpal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।