मेरे साईं तेरा जवाब नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा तेरा जवाब नहीं

मेरे साईं तेरा जवाब नहीं

किसे दिया है कितना तूने रखा कोई हिसाब नही

मेरे बाबा तेरा जवाब नहीं

मेरे साईं तेरा जवाब नहीं

मन मोहन की मुरली जैसा जादू तेरी बोली में

कौन सा सुख है दुनिया में नही है तेरी झोली में

जो फ़कीर है तेरा उसके जैसा कोई नवाब नही

मेरे बाबा तेरा जवाब नहीं

मेरे साईं तेरा जवाब नहीं

तू मंदिर मशिज्द में तू ही गिरजा घर गुरु द्वारो में

दर दर घूम के खुशिया बांटे तू दुःख दर्द के मारो में

बातो के बदले में तोला तुझ बिन कोई गुलाम नही

मेरे बाबा तेरा जवाब नहीं

मेरे साईं तेरा जवाब नहीं

जो न मुंकिन है मेरे बाबा तू वो भी कर सकता है

तू अन्धयारे नैनो में भी फिर से नूर भर सकता है

किसी आँखों का ओ साईं सच करता तू ख्वाब नही

मेरे बाबा तेरा जवाब नहीं

मेरे साईं तेरा जवाब नहीं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।