भोले नाथ अनुसूफी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सबके दिलो में तूँ, छाया है देवा,

हम सब पुकारे, तुझे महादेवा ll

भोले बाबा जी,,,,

आना है तेरे, द्वार अभी !!!

इस जीवन पथ पर, शाम सवेरे,

छाए हैं घोर अँधेरे l

ओ शँकर मेरे, ओ शँभू मेरे,

कब होंगे दर्शन तेरे ll

प्राण जाएंगे जब, मेरे तन से देवा,

मेरे मन में, होगा सिर्फ महाँदेवा,

भोले बाबा जी,,,,

आना है तेरे, द्वार अभी ll

तुम जल थल में, तुम अम्बर में

तुम लहर लहर में, महाँदेवा l

मेरी नस नस में, मेरे रग रग में,

तुम कहाँ नहीं हो, महाँदेवा,,,,,,,,,आ ll

अपने भक्तों की, एक आस बस, तूँ ही है देवा,

हम सब, पुकारे तुझे महाँदेवा l

भोले बाबा जी,,,,

आना है तेरे, द्वार अभी ll

तूँ ही मेरा कर्ता है, तूँ ही मेरा धर्ता है,

तूँ ही मेरा, नाथ देवा ll

सृष्टि के दाता, तुम ही हो प्रभु,

थोड़ी कृपा, मुझपे भी बरसा दो न l

खाली झोली ले के, आया तेरे दर पे,

भर दो झोली, मेरी है तमन्ना ll

ओह मेरे भोला, मेरा मन है डोला,

तेरे भजनों की धुन में,

जय शँकर देवा, जय शँभू देवा,

बस जा तूँ, मेरे मन में ll

( बचपन से ही , शिव की अनुभूति,

मेरा एक लक्ष्य था, पर अब जाकर,

महसूस हुआ कि, शिव तो परमशक्ति है,

जो कि बचपन से ही, हर मनुष्य के अंदर,

विराजमान है )

हर हर हर हर महाँदेव शिव शँभू !

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।