दिन रैना सब बीते बीते ये कितने घोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिन रैना सब बीते बीते ये कितने घोर

मेरो माखन धरो ही रेह गयो न आये माखन चोर

तुम को ही ढूंढे है ये सारी दुनिया आजा सामने छिपे काहा छलियाँ,

तेरे बिन सांवरियां न मच तो ग्वालन शोर

मेरो माखन धरो ही रेह गयो न आये माखन चोर

पूछता है हम से ये गोकुल सारा

कहा गया है सांवरियां हमारा

ना अब कुछ भी दिखे जो देखू चारो और

मेरो माखन धरो ही रेह गयो न आये माखन चोर

कह्ती हु मैं ये उडती धुल ये,

मिल जाए जो तुझे कान्हा भूल से,

केहना उस छलिये से मोहित बंसल न कोई और

मेरो माखन धरो ही रेह गयो न आये माखन चोर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।