मैं दिल तू धड़कन तुझसे मेरा जीवन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सूरज से किरणों का रिश्ता सीप से मोती का

तेरा नेरा वी रिश्ता जो आँख से ज्योति का

मैं दिल तू धड़कन तुझसे मेरा जीवन

कांच के जैसा टूट जाऊंगा टूटा जो ये बंधन

मैं दिल तू धड़कन ..................

तू ही साथी तू ही मांझी तू ही यार मेरा

तुझ बिन सूना है ये जीवन ये संसार मेरा

खुद को भी देखा है तुझमे तू मेरा दर्पण

मैं दिल तू धड़कन ..................

दुनिया से ठुकराया हूँ मैं आया तेरे द्वार

हार गया हूँ थाम ले अब तो मेरे लखदातार

बुझता दीपक तेरी चौखट पे होता रोशन

मैं दिल तू धड़कन ..................

तेरे दम से जुडी हुई हैं साँसों की ये कड़ी

तुझ बिन एक पल जीना सकूंगा मेरे श्याम धणी

तेरा मेरा साथ ना छूटे तुमसे है वंदन

मैं दिल तू धड़कन ..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।