रमते रावल ने म्हारा आदेश देणा

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रमते रावल ने म्हारा आदेश देणा,

अरे रमतें रावल ने म्हारा आदेश देणा हां हां,

जद शिवरु जद भेला हेलो जद शिवरु जद भेला हेलो,

रमतें रावल ने म्हारा आदेश देणा....

नदी रे किनारे अबदु अमली उगी हां हां,

पेड़ कदम मछली खायो हेलो,

रमतें रावल ने म्हारा आदेश देणा....

भाखर खुड़के अबदु हिरणी ब्याही हां हां,

पाँच पिरगला लाई हेलो

रमतें रावल ने म्हारा आदेश देणा....

शुचियो शिंकारी अबदु वनखंड चाल्यो,

पाँच मिरगला मारया हेलो,

रमतें रावल ने म्हारा आदेश देणा....

भैंस ब्याणी अबदु खुंटो दुजे,

माखण विरले खायो हेलो,

रमतें रावल ने म्हारा आदेश देणा...

गुरु शरणे जती मच्छेंदर,

गोरख बोले हे हे,

जिण खोज्या उण पाया हेलो,

रमतें रावल ने म्हारा,

आदेश देणा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।