मैया की कृपा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया की किरपा जिस में उस घर में खुशियाँ रेहती है,

देखो सुख की गंगा बेहती है

माँ तेरा दरबार लगाया है शरदा से उसे सजाया है,

देखो ध्वजा नारियल पान सुपारी चरणों में माँ के चडाया है

मैया की किरपा जिस में उस घर में खुशियाँ रेहती है,

देखो सुख की गंगा बेहती है

देखो ढोल मंजीरा बाजे है सब झूम झूम कर नाचे है,

मैया की चुनारिया साजे है मैया की चूड़ियाँ बाजे है

मैया के माथे लाल बिंदिया

देखो कितनी सुंदर लगती है उस घर में खुशियाँ रेहती है,

मैया की किरपा जिस में........

मेरी मैया शेरावाली है मेरी मैया पहाडा वाली है,

मेरी मैया बड़ी दयालु है मेरी मैया बड़ी किरपालु है,

जग जगनी माँ सारी दुनिया में भगतो की रक्षा करती है

खुशियों से घर को भरती है

मैया की किरपा जिस में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।