मेरा राम आ जाता मेरे सामने

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गिरता हु जब मुश्किल में जब दर्द से दिल भर जाता है

तब सुनता वो दिल की सदा मेरे बिगड़े काम बनाता है

मेरे सिर पे उसका साया है

मैंने तो जब भी बुलाया मेरा राम आ जाता मेरे सामाने

मेरे दिल की सब बातो को पल पल उस ने पेहचाना

ऐसा गेहरा नाता मेरा बिन बोले ही सब जाना

वो आँखों को पढ़ लेता है,मुझे बिन मांगे सब देता है,

मेरा राम आ जाता मेरे सामाने

पग पग पे मेरा साथ दिया है उस ने मुझे समबाला है,

फसी भवर में जब जब नैया उस ने मुझे निकाला है

मेरा हर दम हाथ पकड़ ता है,

मुझे सब से प्यारा लगता है,

मेरा राम आ जाता मेरे सामाने

अब तो इतनी हसरत है हर दम मेरे साथ रहे

दुनिया का इतवार नही है सिर पे राम का हाथ रहे,

धन दोलत कुछ न चाहू मैं बस उसकी शरण ही मांगू मैं

मेरा राम आ जाता मेरे सामाने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।