झूम झूम कर सब मस्ती में फुले नही समाये

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

झूम झूम कर सब मस्ती में फुले नही समाये,

बाबा बालक नाथ की महिमा दुनिया में फैलाए

झूम झूम कर सब मस्ती में फुले नही समाये,

बाबा तेरे धाम की महिमा जग में बड़ी निराली,

बाबा तेरे दर से खाली जाता नही सवाली,

मोर सवारी कर के बाबा अद्भुत रूप दिखाए,

बाबा बालक नाथ की महिमा दुनिया में फैलाए

बाजे ढोल मजीरा चिमटा बाबा की जय गाये,

बाबा की किरपा से जीवन अपना सफल बनाये,

कोई इधर से कोई उधर से जय कारा लगवाए,

बाबा बालक नाथ की गाथा जन जन तक पोंछाये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।